guarantee vs warranty

गारंटी और वारंटी: क्या फर्क है दोनों में ? Guarantee and Warranty

जब हम कोई भी प्रोडक्ट खरीदते हैं, चाहे वह इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हो, कार हो या मोबाइल फोन, हमें अक्सर गारंटी और वारंटी जैसे शब्द सुनने को मिलते हैं। दोनों शब्द दिखने में समान लगते हैं, लेकिन इनके अर्थ बिल्कुल अलग होते हैं। इनका सही ज्ञान न केवल हमारे पैसे की सुरक्षा करता है बल्कि उपभोक्ता के अधिकारों को समझने में भी मदद करता है। आइए इन दोनों को विस्तार से समझते हैं।

Guarantee क्या है?

गारंटी निर्माता या विक्रेता का यह वादा है कि प्रोडक्ट सही तरह से काम करेगा। यदि गारंटी अवधि में प्रोडक्ट खराब हो जाता है, तो ग्राहक को नया प्रोडक्ट या पैसा वापस मिल सकता है। गारंटी निर्माता की अपने प्रोडक्ट की गुणवत्ता पर आत्मविश्वास को दर्शाती है।

गारंटी की विशेषताएँ

  1. नया प्रोडक्ट मिलेगा: खराब होने पर कंपनी नया प्रोडक्ट देती है।
  2. पूरी तरह नि:शुल्क: गारंटी अवधि में रिपेयर, रिप्लेसमेंट या रिफंड के लिए ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
  3. न बढ़ाई जा सकती: गारंटी अवधि समाप्त होने के बाद इसे बढ़ाया नहीं जा सकता।
  4. मौखिक या लिखित: गारंटी मौखिक या लिखित दोनों रूप में दी जा सकती है, लेकिन लिखित गारंटी ज्यादा विश्वसनीय होती है।
  5. रिफंड विकल्प: यदि प्रोडक्ट रिप्लेस नहीं हो सकता तो पैसा वापस भी किया जा सकता है।

उदाहरण: यदि आपने एक साल की गारंटी वाला वॉटर प्यूरीफायर खरीदा और वह उसी साल खराब हो गया, तो कंपनी नया प्यूरीफायर दे सकती है या आपका पैसा वापस कर सकती है।

guarantee vs warranty

Warranty क्या है?

वारंटी यह सुनिश्चित करती है कि वारंटी अवधि में प्रोडक्ट खराब होने पर कंपनी उसे रिपेयर करेगी। गारंटी की तरह इसमें आमतौर पर नया प्रोडक्ट या रिफंड नहीं दिया जाता।

वारंटी की विशेषताएँ

  1. रिपेयर सुविधा: प्रोडक्ट खराब होने पर कंपनी उसे रिपेयर करती है, नया नहीं देती।
  2. कभी-कभी शुल्क लगता है: कुछ रिपेयर मुफ्त होते हैं, लेकिन कुछ पार्ट्स या सेवाओं के लिए ग्राहक को भुगतान करना पड़ सकता है।
  3. बढ़ाई जा सकती है: अतिरिक्त शुल्क देकर वारंटी अवधि को बढ़ाया जा सकता है, जिसे एक्सटेंडेड वारंटी कहा जाता है।
  4. हमेशा लिखित: वारंटी हमेशा लिखित रूप में दी जाती है।
  5. सीमित कवरेज: वारंटी केवल खास पार्ट्स या दिक्कतों को कवर करती है, पूरे प्रोडक्ट को नहीं।

उदाहरण: एक स्मार्टफोन में एक साल की वारंटी हो सकती है। इस अवधि में यदि उसमें मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट आता है तो वह फ्री रिपेयर होगा, लेकिन स्क्रीन टूटने जैसी दुर्घटनाएँ वारंटी में शामिल नहीं होंगी।

गारंटी और वारंटी में मुख्य अंतर

पहलूगारंटीवारंटी
रिप्लेसमेंटनया प्रोडक्ट दिया जाता हैकेवल रिपेयर किया जाता है
लागतपूरी तरह मुफ्तकुछ रिपेयर या पार्ट्स के लिए भुगतान करना पड़ सकता है
वैधतानहीं बढ़ाई जा सकतीअतिरिक्त शुल्क देकर बढ़ाई जा सकती है
रूपमौखिक या लिखितहमेशा लिखित
रिफंडसंभव हैआमतौर पर नहीं मिलता

अंतर जानना क्यों ज़रूरी है?

  • उपभोक्ता अधिकार: इससे ग्राहकों को पता चलता है कि वे किस सेवा की मांग कर सकते हैं।
  • बेहतर चयन: ग्राहक प्रोडक्ट की तुलना गारंटी और वारंटी के आधार पर कर सकते हैं।
  • भ्रम से बचाव: जानकारी होने पर विक्रेता से विवाद कम होते हैं।
  • आर्थिक सुरक्षा: प्रोडक्ट फेल होने पर पैसे की बर्बादी से बचाव होता है।

वास्तविक जीवन के उदाहरण

  • इलेक्ट्रॉनिक्स: एक फ्रिज में 1 साल की गारंटी और 5 साल की वारंटी (कंप्रेसर पर) हो सकती है।
  • वाहन: कारों में आमतौर पर कुछ सालों की वारंटी होती है और ग्राहक अतिरिक्त शुल्क देकर एक्सटेंडेड वारंटी ले सकते हैं।
  • मोबाइल फोन: ज्यादातर फोन में रिपेयर की वारंटी होती है लेकिन रिप्लेसमेंट की गारंटी नहीं।

गारंटी और वारंटी देखने में समान लगते हैं, लेकिन इनसे मिलने वाला सुरक्षा स्तर अलग होता है। गारंटी में पूरी आश्वस्ति होती है कि खराब होने पर नया प्रोडक्ट या पैसा वापस मिलेगा, जबकि वारंटी मरम्मत और सेवा तक सीमित रहती है। उपभोक्ता के तौर पर इन शब्दों का सही ज्ञान आपको समझदारी से खरीदारी करने में मदद करेगा और भविष्य की परेशानियों से बचाएगा।

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